अनंग रंग की रचना वात्स्यायन के 'कामसूत्र' के कई सदियों बाद हुई थी। लेखक कल्याण मल्ल ने इसे विशेष रूप से राजा लाड खान (लोदी वंश के एक शासक) को प्रसन्न करने और गृहस्थ जीवन की बारीकियों को समझाने के लिए लिखा था। जहाँ कामसूत्र एक व्यापक सामाजिक और दार्शनिक ग्रंथ है, वहीं अनंग रंग मुख्य रूप से वैवाहिक सुख और रति क्रीड़ा पर केंद्रित है।
'अनंग रंग' या 'काव्य समुच्चय' मध्यकालीन भारत का एक प्रमुख कामशास्त्रीय ग्रंथ है। यह ग्रंथ मूलतः संस्कृत भाषा में लिखा गया था। इसकी रचना कामसूत्र से काफी समय बाद हुई थी। जहाँ कामसूत्र जीवन के विभिन्न पहलुओं और सामाजिक नियमों पर केंद्रित है, वहीं अनंग रंग पूरी तरह से 'रति-क्रिया' (Sexual union) और भावनात्मक एकता पर केंद्रित है। ananga ranga in hindi pdf
अनंग रंग का मुख्य उद्देश्य पति-पत्नी के बीच नीरसता को समाप्त करना और प्रेम को जीवित रखना है। यह ग्रंथ सिखाता है कि काम कला केवल वासना नहीं, बल्कि एक साधना है जो जीवन में आनंद और संतुलन लाती है। मध्यकाल में यह ग्रंथ इतना लोकप्रिय हुआ कि इसका कई विदेशी भाषाओं, विशेषकर अंग्रेजी में सर रिचर्ड बर्टन द्वारा अनुवाद किया गया। ananga ranga in hindi pdf